बस्तर में बाढ़ का संकट बरकरार: इंद्रावती उफान पर, ओडिशा के कई डैमों के गेट खुलने से 300 से ज्यादा गांव प्रभावित; जगदलपुर की निचली बस्तियों में घुसा पानी

बस्तर में बाढ़ का संकट बरकरार: इंद्रावती उफान पर, ओडिशा के कई डैमों के गेट खुलने से 300 से ज्यादा गांव प्रभावित; जगदलपुर की निचली बस्तियों में घुसा पानी
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

26 सितम्बर 2026 जगदलपुर :- बस्तर संभाग में लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। इंद्रावती नदी समेत गोरिया-बहार नाला लगातार उफान पर हैं। बस्तर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और सैकड़ों गांवों का संपर्क प्रभावित होने की सूचना है। स्थानीय स्तर पर 300 से अधिक गांवों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि ओडिशा में स्थित इंद्रावती-कातिगुड़ा, मुरान, बिसिंगपुर और तेलिंगिरी जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में जलस्तर और बढ़ गया है। विभिन्न जलाशयों के कई गेट खोले जाने से नवरंगपुर जिले के आसपास के इलाकों के साथ-साथ बस्तर के निचले क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

छतों पर रात गुजारने को मजबूर लोग, मदद का इंतजार

बस्तर जगदलपुर में 2007-08 के बाद एक बार फिर ऐसे बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं।

लालबाग, पथरागुड़ा और शहर से लगे कई निचले इलाकों में घर जलमग्न हैं। कई परिवार रात से भूखे-प्यासे अपने घरों की छतों पर पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वे लगातार शासन-प्रशासन और निगम से संपर्क कर कम से कम भोजन और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने की गुहार लगा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई प्रभावित परिवारों तक अभी राहत नहीं पहुंच पाई है।

जगदलपुर के कई इलाकों में पानी का दबाव बढ़ा

बाढ़ के बढ़ते प्रभाव का असर जगदलपुर शहर में भी दिखाई दे रहा है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, लालबाग, पथरागुड़ा, कुम्हारपारा, हाटकचौरा, आड़ावाल, धरमपुरा और कालीपुर डोंगाघाट गांव पूरा जलमग्न, कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। कुछ निचली बस्तियों में पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थानों पर पानी लगातार बढ़ रहा है और शहर की ओर जलप्रवाह का दबाव बना हुआ है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

राहत की उम्मीद, लेकिन खतरा अभी बरकरार

प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है, लेकिन तब तक लोगों को नदी, नाले, पुल-पुलिया और जलमग्न सड़कों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों और मवेशियों को नदी-नालों के आसपास नहीं जाने देने की अपील की है। जलभराव वाले रास्तों पर आवागमन से बचने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की बात कही गई है।

⚠️ बस्तर में अभी खतरा टला नहीं

लगातार बढ़ते जलस्तर और जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी के बीच बस्तर में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

 जिला प्रशासन की अपील अफवाहों पर ध्यान ना दे नदी और नाले से दूर रहे